विवान को विज्ञान और रोबोट्स बहुत पसंद थे। वह घंटों अपने कमरे में छोटे-छोटे मशीन बनाता रहता था। एक दिन उसने एक छोटा रोबोट बनाया जिसका नाम रखा — “टोबी।”
टोबी सिर्फ खिलौना नहीं था। वह बात कर सकता था, सवालों के जवाब दे सकता था और छोटे काम भी कर सकता था।
एक रात विवान अपने पापा के लैपटॉप पर स्पेस डॉक्यूमेंट्री देख रहा था। तभी टोबी अचानक बोला:
“क्या तुम सच में चाँद देखना चाहते हो?”
विवान हँस पड़ा।
“हाँ, लेकिन वहाँ कैसे जाएँगे?”
टोबी की आँखों में नीली लाइट चमकी।
“मेरे पास प्लान है।”
अचानक कमरे की दीवार खुली और नीचे एक गुप्त लिफ्ट दिखाई दी। विवान हैरान रह गया। नीचे एक छोटा स्पेसशिप खड़ा था।
“ये सब क्या है?”
टोबी बोला,
“मैं साधारण रोबोट नहीं हूँ। मुझे अंतरिक्ष रिसर्च के लिए बनाया गया था।”
कुछ ही देर में स्पेसशिप आसमान में उड़ने लगा। नीचे शहर की लाइट्स छोटी होती गईं। विवान खुशी से चिल्ला उठा।
कुछ घंटों बाद वे चाँद पर पहुँचे।
चाँद बिल्कुल शांत था। चारों तरफ सफेद धूल और बड़े-बड़े पत्थर थे।
विवान उछल-उछलकर चल रहा था कि तभी टोबी अचानक बंद हो गया।
“टोबी! क्या हुआ?”
टोबी की बैटरी खत्म हो रही थी।
विवान घबरा गया। अगर टोबी बंद हो जाता तो वह वापस पृथ्वी नहीं जा पाता।
उसने पूरा स्पेसशिप खोजा। आखिर उसे एक पुराना सोलर चार्जर मिला। उसने टोबी को सूरज की रोशनी में रखा।
धीरे-धीरे टोबी की आँखें फिर चमकने लगीं।
“तुमने मुझे बचा लिया,” टोबी बोला।
विवान मुस्कुराया।
“दोस्त कभी एक-दूसरे को अकेला नहीं छोड़ते।”
वापस पृथ्वी पर आने के बाद विवान ने तय किया कि वह बड़ा होकर वैज्ञानिक बनेगा और ऐसे रोबोट बनाएगा जो लोगों की मदद करें।
✨ सीख:
असली दोस्त मुश्किल समय में साथ नहीं छोड़ते। विज्ञान का उपयोग लोगों की मदद के लिए होना चाहिए।



















