एक छोटे गाँव में अर्जुन नाम का लड़का रहता था। उसे जंगलों में घूमना बहुत पसंद था। गाँव के बाहर एक बहुत पुराना बरगद का पेड़ था। लोग कहते थे कि वह पेड़ जादुई है।
एक दिन अर्जुन वहाँ बैठा था कि अचानक आवाज़ आई:
“आज बहुत देर कर दी आने में।”
अर्जुन डर गया।
“कौन?”
“मैं हूँ… बरगद का पेड़।”
अर्जुन की आँखें खुली रह गईं।
धीरे-धीरे दोनों दोस्त बन गए। पेड़ उसे जंगल, पक्षियों और प्रकृति की कहानियाँ सुनाता था।
एक दिन गाँव में कुछ लोग आए। वे जंगल काटकर वहाँ बड़ी फैक्ट्री बनाना चाहते थे।
अर्जुन परेशान हो गया।
“अगर पेड़ कट गए तो पक्षी कहाँ रहेंगे?”
लेकिन गाँव वाले पैसों के लालच में मान गए।
उस रात बरगद ने अर्जुन से कहा,
“अगर प्रकृति खत्म हो गई, तो इंसान भी खुश नहीं रह पाएगा।”
अगले दिन अर्जुन ने स्कूल में सब बच्चों को इकट्ठा किया। उन्होंने पोस्टर बनाए —
“पेड़ बचाओ, जीवन बचाओ।”
धीरे-धीरे पूरा गाँव बच्चों के साथ खड़ा हो गया।
आखिरकार फैक्ट्री का प्लान रुक गया।
बरगद का पेड़ हवा में झूमने लगा।
“तुमने सिर्फ पेड़ नहीं बचाए… आने वाली पीढ़ियों की साँसें बचाई हैं।”
अर्जुन मुस्कुराया।
उस दिन के बाद गाँव में हर बच्चा हर साल एक पेड़ लगाने लगा।
✨ सीख:
प्रकृति हमारी सबसे बड़ी दोस्त है। पेड़ बचाना मतलब भविष्य बचाना।



















