आरव को पुरानी चीज़ें इकट्ठा करने का बहुत शौक था। एक दिन वह अपने दादाजी के पुराने स्टोर रूम में कुछ ढूँढ रहा था। वहाँ उसे धूल से भरा एक छोटा लकड़ी का डिब्बा मिला। डिब्बे के अंदर एक सुंदर सुनहरी घड़ी रखी थी। घड़ी के पीछे लिखा था: “समय को समझो, उससे खेलो मत।”...